नवीन कुमार लाटकर / बीजापुर: देश के गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को छत्तीसगढ़ के अतिनक्सल प्रभावित गुंडम गांव पहुंचे। करीब 1 बजे वे हेलीकॉप्टर से सीआरपीएफ की 153 बटालियन के पुलिस कैंप में पहुंचे और जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों और बच्चों से संवाद करते हुए भरोसा दिलाया कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अब उन्हें अवश्य मिलेगा।

अमित शाह ने कहा, “नक्सलियों के कारण आपको सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था, लेकिन अब डरने की जरूरत नहीं है। नक्सलवाद का खात्मा 2026 तक कर दिया जाएगा।” उन्होंने बताया कि गांव में तैनात जवान ग्रामीणों की मदद के लिए तत्पर रहेंगे। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार गांव में पक्का आवास, पीने का साफ पानी, अस्पताल और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।

जवानों का बढ़ाया मनोबल
गृहमंत्री गुंडम गांव में करीब दो घंटे रुके। उनके साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी मौजूद थे। इस दौरान शाह ने सुरक्षा बलों के जवानों का मनोबल बढ़ाया और नक्सल समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों के साथ गहन चर्चा की ।

इतिहास रचते हुए खतरनाक इलाके में पहुंचे गृह मंत्री 

अमित शाह देश के पहले गृह मंत्री हैं जिन्होंने इतने खतरनाक और अतिनक्सल प्रभावित इलाके का दौरा किया। उनके दौरे के बाद पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया। सुरक्षा बल लगातार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।

हिडमा के गांव से महज 7 किलोमीटर दूर पहुंचे शाह
गुंडम कैंप से केवल 7 किलोमीटर की दूरी पर नक्सली कमांडर हिडमा का गांव पूवर्ती स्थित है। हिडमा पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित है और वह अब तक कई बड़े नक्सली हमलों में शामिल रहा है। गृह मंत्री के इस दौरे को नक्सलवाद के खिलाफ सरकार की सख्त रणनीति के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।