बता दें कि इस साल माओवादियों ने "शिक्षा दूत" कहे जाने वाले कम से कम छह शिक्षकों की हत्या की है। इनमें से तीन हत्याएं तो केवल पिछले 15 दिनों में हुई हैं। माओवादी इन शिक्षकों को पुलिस का मुखबिर होने के शक में निशाना बना रहे हैं।
एक रिपोर्ट के अनुसार इस साल अब तक बस्तर संभाग के 7 जिलों में माओवादी हिंसा में लगभग 25 लोगों की जान जा चुकी है। इसमें ग्रामीणों की हत्याएं भी शामिल हैं। इसके अलावा, पिछले साल बस्तर क्षेत्र में माओवादी हिंसा की विभिन्न घटनाओं में 68 आम नागरिकों की मृत्यु हुई थी।
गौरतलब है कि एक तरफ केंद्रीय माओवादी संगठन की ओर से पत्र जारी कर शांति वार्ता और संघर्ष विराम की बात कही जा रही है। वहीं दूसरी ओर लगातार निर्दोष ग्रामीणों और शिक्षा दूतों को निशाना बनाया जा रहा है। वहीं प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा ने इस पत्र को लेकर सतर्कता बरतने की बात कही है। गृह मंत्री ने पत्र को संदिग्ध बताया है।
